वैष्णवी शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती हुई सितारा खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत के दम पर पहचान बनाई है। उनकी कहानी उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो क्रिकेट को अपना करियर बनाना चाहती हैं। इस लेख में हम उनके जीवन, संघर्ष, क्रिकेट करियर, रिकॉर्ड्स और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे।
वैष्णवी शर्मा का नाम आज भारतीय महिला क्रिकेट में तेजी से उभर रहा है। मध्य प्रदेश की यह युवा स्पिनर अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल रही हैं। 18 दिसंबर 2005 को ग्वालियर में जन्मी वैष्णवी ने महज 20 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

संक्षिप्त जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | Vaishnavi Narendra Sharma |
| जन्म तिथि | 18 दिसंबर 2005 |
| आयु | 20 वर्ष (2026 में) |
| जन्म स्थान | ग्वालियर, मध्य प्रदेश, भारत |
| भूमिका | लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर |
| बल्लेबाजी शैली | लेफ्ट हैंडेड बैट |
| घरेलू टीम | मध्य प्रदेश महिला |
| अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू | 21 दिसंबर 2024 (बनाम श्रीलंका) |
वैष्णवी शर्मा प्रारंभिक जीवन और परिवार
वैष्णवी शर्मा का जन्म ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ. नरेंद्र शर्मा (जिन्हें डॉ. नयन शर्मा के नाम से भी जाना जाता है) ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में ज्योतिष विज्ञान पढ़ाते हैं और पिछले 17 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनकी माता आशालता शर्मा गृहिणी हैं और उन्होंने वैष्णवी के करियर में हमेशा भावनात्मक सहयोग प्रदान किया।
वैष्णवी के एक भाई अभिषेक भी हैं जो इंजीनियर हैं। परिवार ने हमेशा खेल को प्रोत्साहन दिया और वैष्णवी को अपने सपने पूरे करने के लिए पूरा समर्थन दिया।
“जब वैष्णवी का जन्म हुआ, हमने उनकी कुंडली देखी और पाया कि उनके सफल होने के दो रास्ते हैं – चिकित्सा और खेल। मैंने सोचा कि यदि वह डॉक्टर बनती है तो शहर उन्हें जानेगा, लेकिन अगर वह खेल में सफल होती है तो पूरी दुनिया उन्हें जानेगी।”
– डॉ. नरेंद्र शर्मा (Vaishnavi के पिता)
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि वैष्णवी के पिता ने उनके करियर को “दो Gs” द्वारा निर्देशित बताया – “ग्रह (Planet) और Google”। यह उनके ज्योतिषीय विश्वास और आधुनिक शोध दोनों के संयोजन को दर्शाता है।
शिक्षा
वैष्णवी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इंदौर के प्राज्ञा गर्ल्स स्कूल से प्राप्त की। बाद में उन्होंने ग्वालियर के ITM विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स में दाखिला लिया। इस शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हें फिटनेस और खेल विज्ञान की गहरी समझ दी, जो उनकी ट्रेनिंग में बेहद उपयोगी साबित हुई।
क्रिकेट करियर की शुरुआत
वैष्णवी की क्रिकेट यात्रा बेहद असाधारण रही है। उन्होंने मात्र 4-5 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। घर पर अभ्यास करते समय वे अक्सर अपने शॉट्स से दरवाजे और खिड़कियां तोड़ देती थीं, जो उनके जुनून को दर्शाता है।
तनसेन क्रिकेट अकादमी, ग्वालियर
वैष्णवी ने अपना औपचारिक प्रशिक्षण ग्वालियर की प्रसिद्ध तनसेन क्रिकेट अकादमी में प्राप्त किया। इस अकादमी में कठोर प्रशिक्षण और लंबे अभ्यास सत्रों ने उनके करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे जब भी ग्वालियर में होती हैं, अकादमी में प्रतिदिन 7 घंटे अभ्यास करती हैं – सुबह 3 घंटे और शाम को 4 घंटे।
इस अनुशासित दिनचर्या ने उन्हें एक कुशल लेफ्ट-आर्म स्पिनर बनाने में मदद की। उनकी गेंदबाजी में उड़ान, बदलाव और सटीकता की बेहतरीन समझ है।

घरेलू क्रिकेट में उपलब्धियां
वैष्णवी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने मध्य प्रदेश महिला टीम और सेंट्रल जोन महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया।
सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी
सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी में वैष्णवी शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 विकेट लेने में सफल रहीं। वे सीनियर महिला इंटर-जोनल टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बनीं।
जगमोहन डालमिया ट्रॉफी
2022-23 के जूनियर घरेलू सत्र में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी प्रतिभा और मेहनत की पहचान था।
अंडर-19 विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक प्रदर्शन
2025 की शुरुआत में मलेशिया में आयोजित ICC अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में वैष्णवी ने इतिहास रच दिया। यह टूर्नामेंट उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।
मलेशिया के खिलाफ हैट-ट्रिक
21 जनवरी 2025 को, ग्रुप A के दूसरे मैच में मलेशिया के खिलाफ, वैष्णवी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही हैट-ट्रिक ली और U19 महिला विश्व कप में ऐसा करने वाली पहली भारतीय गेंदबाज बनीं।
उनकी गेंदबाजी के आंकड़े अविश्वसनीय थे – 4 ओवर में मात्र 5 रन देकर 5 विकेट। यह U19 महिला विश्व कप इतिहास में अब तक के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े हैं।
- 14वें ओवर में हैट-ट्रिक पूरी की
- Nur Ain Binti Roslan को LBW किया
- Nur Isma Dania को भी LBW किया
- Siti Nazwah को बोल्ड किया
- मलेशिया को मात्र 31 रनों पर ढेर किया
- प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता
टूर्नामेंट में कुल प्रदर्शन
पूरे U19 विश्व कप में वैष्णवी शानदार रहीं। वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं – 17 विकेट। उनका इकोनॉमी रेट भी बेहद प्रभावशाली रहा।
फाइनल तक पहुंचने में वैष्णवी का योगदान अहम रहा। भारतीय टीम ने लगातार जीत दर्ज करते हुए टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और वैष्णवी शर्मा उनकी सफलता की प्रमुख वजह रहीं।
सीनियर टीम में प्रवेश
U19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद वैष्ण
वैष्णवी को भारतीय सीनियर महिला टीम में चुना गया। यह उनके करियर का सबसे बड़ा पल था।
अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू – 21 दिसंबर 2024
21 दिसंबर 2024 को विशाखापत्तनम में श्रीलंका के खिलाफ पहले T20I में वैष्णवी ने भारतीय सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया। वे महिला T20I में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली 89वीं खिलाड़ी बनीं।
उन्होंने जर्सी नंबर 18 पहनी और अपने आत्मविश्वास भरे प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया। डेब्यू पर ही उन्होंने अपनी क्षमता साबित की और टीम के लिए महत्वपूर्ण विकेट लिए।
श्रीलंका सीरीज में प्रदर्शन
पांच मैचों की T20I सीरीज में वैष्णवी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रभावशाली इकोनॉमी रेट बनाए रखते हुए नियमित रूप से विकेट लिए। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी उनकी गेंदबाजी की सराहना की।
एक दिलचस्प पल था जब वैष्णवी ने हरमनप्रीत के साथ एक खास सेलिब्रेशन किया। उन्होंने बाद में बताया कि यह पहले से योजनाबद्ध था और उन्होंने कप्तान को विकेट लेने से पहले ही बता दिया था कि वे इस तरह सेलिब्रेट करेंगी।
खेल शैली और विशेषताएं
वैष्णवी शर्मा की गेंदबाजी शैली उन्हें अन्य स्पिनरों से अलग बनाती है। वे लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर हैं जो गेंद को बेहतरीन तरीके से उड़ाती हैं।
गेंदबाजी की खासियत
- उड़ान और ड्रिफ्ट: उनकी गेंद हवा में बेहतरीन उड़ान भरती है और बल्लेबाजों को धोखा देती है
- सटीकता: वे लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंद डालती हैं
- विविधता: गेंद की गति और कोण में बदलाव करने में माहिर हैं
- दबाव डालने की क्षमता: कम रन देकर बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखती हैं
- मानसिक मजबूती: दबाव की स्थितियों में भी शांत और केंद्रित रहती हैं
विज़ुअलाइज़ेशन तकनीक
वैष्णवी शर्मा ने साक्षात्कारों में बताया है कि वे विज़ुअलाइज़ेशन तकनीक का उपयोग करती हैं। मैच से पहले वे मन में अपनी गेंदबाजी और विकेट लेने के दृश्य देखती हैं। यह मानसिक तैयारी उन्हें मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है।
व्यक्तिगत रुचियां और शौक
क्रिकेट के अलावा वैष्णवी के कई अन्य शौक भी हैं जो उन्हें संतुलित जीवन जीने में मदद करते हैं।
यात्रा प्रेमी
वैष्णवी शर्मा को यात्रा करना बेहद पसंद है। वे अक्सर अपने सोशल मीडिया पर यात्राओं की तस्वीरें साझा करती हैं। नई जगहों की यात्रा उन्हें क्रिकेट की कठोर दिनचर्या से राहत देती है और मानसिक ताजगी प्रदान करती है।
पढ़ने का शौक
वैष्णवी शर्मा को किताबें पढ़ना भी पसंद है। चाहे वे खेल से संबंधित पुस्तकें हों या सामान्य साहित्य, वे शांत समय में किताबों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। यह आदत उनकी विचारशीलता और संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास को दर्शाती है।
प्रमुख उपलब्धियां और रिकॉर्ड
- U19 महिला विश्व कप में हैट-ट्रिक लेने वाली पहली भारतीय गेंदबाज
- U19 महिला विश्व कप इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े (5/5)
- U19 विश्व कप 2025 में सबसे ज्यादा विकेट (17 विकेट)
- चंबल क्षेत्र से भारतीय टीम में जगह बनाने वाली पहली खिलाड़ी
- जगमोहन डालमिया ट्रॉफी विजेता (2022-23)
- सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी और इंटर-जोनल T20 में शीर्ष विकेट लेने वाली गेंदबाज
- भारतीय सीनियर टीम में महिला T20I की 89वीं खिलाड़ी
भविष्य की संभावनाएं
वैष्णवी शर्मा का भविष्य बेहद उज्ज्वल नजर आ रहा है। मात्र 20 साल की उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक हैं।
ODI और टेस्ट में संभावनाएं
अभी तक केवल T20I में खेल चुकी Vaishnavi के लिए ODI और टेस्ट क्रिकेट के दरवाजे भी खुल रहे हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी की क्षमता लंबे प्रारूप में भी प्रभावी साबित हो सकती है। भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें धीरे-धीरे सभी प्रारूपों में शामिल करने की योजना बना रहा है।
महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भागीदारी
महिला प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंट में वैष्णवी की भागीदारी उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। फ्रेंचाइजी टीमें पहले से ही इस युवा प्रतिभा पर नजर रख रही हैं।
2026 टी20 विश्व कप की संभावना
यदि वैष्णवी शर्मा इसी तरह प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो 2026 में होने वाले ICC महिला टी20 विश्व कप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। भारतीय टीम को एक विश्वसनीय स्पिनर की जरूरत है और वैष्णवी इस भूमिका को बखूबी निभा सकती हैं।
प्रेरणा और प्रभाव
वैष्णवी शर्मा की कहानी हजारों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा है, खासकर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाली लड़कियों के लिए। उन्होंने साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के साथ कोई भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है।
ग्वालियर और मध्य प्रदेश का गौरव
वैष्णवी शर्मा चंबल क्षेत्र से भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाली पहली खिलाड़ी हैं। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता ने स्थानीय युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाई है।
महिला क्रिकेट को बढ़ावा
भारत में महिला क्रिकेट तेजी से बढ़ रहा है और वैष्णवी जैसी खिलाड़ी इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका प्रदर्शन न केवल खेल के मैदान पर बल्कि सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश देता है।
कोचिंग और मार्गदर्शन
वैष्णवी शर्मा की सफलता में उनके कोचों और मार्गदर्शकों का बड़ा योगदान रहा है। तनसेन क्रिकेट अकादमी के कोचों ने उनकी तकनीक को निखारा और मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
भारतीय टीम की कोचिंग स्टाफ ने भी वैष्णवी की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कहना है कि वैष्णवी में सीखने की अद्भुत क्षमता है और वे तेजी से विकसित हो रही हैं।
सोशल मीडिया उपस्थिति
वैष्णवी शर्मा सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ी रहती हैं। वे इंस्टाग्राम पर अपने क्रिकेट सफर, ट्रेनिंग सेशन और व्यक्तिगत पलों को साझा करती हैं।
उनकी सोशल मीडिया उपस्थिति युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वे नियमित रूप से अपने अनुभव और सीख साझा करती हैं, जो अन्य महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों के लिए मार्गदर्शक बन जाती हैं।
वैष्णवी शर्मा के करियर आंकड़े
अंतर्राष्ट्रीय T20I करियर
- कुल मैच: 5+ (जनवरी 2026 तक)
- कुल विकेट: 8+
- बेस्ट परफॉर्मेंस: आगामी मैचों में अपेक्षित
- इकोनॉमी रेट: प्रभावशाली (6.5 के आसपास)
U19 महिला विश्व कप 2025
- कुल मैच: 6
- कुल विकेट: 17 (टूर्नामेंट में सर्वाधिक)
- बेस्ट फिगर्स: 5/5 बनाम मलेशिया
- प्लेयर ऑफ द मैच: 1
- हैट-ट्रिक: 1 (पहली भारतीय)
चुनौतियां और उनसे निपटना
हर सफल खिलाड़ी की तरह, वैष्णवी ने भी अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया है। वैष्णवी शर्मा का सबसे प्रेरणादायक हिस्सा उनका संघर्ष है। महिला क्रिकेट में संसाधनों की कमी, समाज की सोच और प्रतियोगिता — इन सबका सामना उन्होंने डटकर किया। कई बार चयन नहीं हुआ, चोटों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यही जज़्बा उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।
छोटे शहर से आना
ग्वालियर जैसे शहर से राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना आसान नहीं था। सीमित संसाधन, कम एक्सपोजर और प्रतिस्पर्धा की कमी जैसी समस्याओं से वैष्णवी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से पार पाया।
दबाव संभालना
युवा उम्र में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलना बहुत दबाव लाता है। वैष्णवी ने मानसिक मजबूती और सही मार्गदर्शन से इस दबाव को सकारात्मक ऊर्जा में बदला है।
लगातार प्रदर्शन की अपेक्षाएं
एक बार सफल होने के बाद हर मैच में उच्च प्रदर्शन की उम्मीद होती है। वैष्णवी ने इस चुनौती को स्वीकार किया है और लगातार अपने खेल में सुधार करने पर केंद्रित हैं।
वैष्णवी शर्मा से सीख
वैष्णवी शर्मा की यात्रा से हमें कई महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं:
- सपनों को साकार करने की शक्ति: छोटे शहर से आने का मतलब सीमित सपने नहीं है
- कठिन परिश्रम का महत्व: दिन में 7 घंटे अभ्यास और अनुशासन उन्हें यहां तक लाया
- परिवार का समर्थन: सफलता में पारिवारिक सहयोग की अहम भूमिका
- मानसिक मजबूती: दबाव में शांत रहना और विज़ुअलाइज़ेशन तकनीक का उपयोग
- निरंतर सीखना: हमेशा अपने खेल में सुधार की जिज्ञासा
- विनम्रता: सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े रहना
मीडिया और जनसंपर्क
वैष्णवी ने मीडिया के साथ अपने संबंधों को बखूबी संभाला है। वे साक्षात्कारों में स्पष्ट, आत्मविश्वासी और विनम्र रहती हैं। उनकी परिपक्वता उनकी युवा उम्र को देखते हुए प्रभावशाली है।
उन्होंने कई साक्षात्कारों में अपने संघर्ष, परिवार के योगदान और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की है। यह पारदर्शिता उन्हें प्रशंसकों के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाती है।
निष्कर्ष
वैष्णवी शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती हुई सितारा हैं। ग्वालियर की गलियों से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक और सराहनीय है। मात्र 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे उनकी असीम प्रतिभा, कठिन परिश्रम और समर्पण का प्रमाण हैं।
U19 विश्व कप में हैट-ट्रिक और सीनियर टीम में प्रभावशाली शुरुआत के साथ, वैष्णवी ने साबित किया है कि वे भारतीय क्रिकेट के भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका करियर अभी शुरू ही हुआ है और आने वाले वर्षों में उनसे और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।
वैष्णवी की कहानी हर उस युवा लड़की के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती है। वे यह संदेश देती हैं कि सही मार्गदर्शन, परिवार का समर्थन और अटूट संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
भारतीय महिला क्रिकेट के इस नए सितारे को शुभकामनाएं! आगे का सफर और भी शानदार हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. वैष्णवी शर्मा कौन हैं?
Vaishnavi Sharma भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा लेफ्ट-आर्म स्पिनर हैं जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हैं। वे U19 विश्व कप में हैट-ट्रिक लेने वाली पहली भारतीय गेंदबाज हैं।
2. वैष्णवी शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू कब किया?
Vaishnavi ने 21 दिसंबर 2024 को विशाखापत्तनम में श्रीलंका के खिलाफ T20I में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया।
3. वैष्णवी शर्मा की प्रमुख उपलब्धि क्या है?
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि U19 महिला विश्व कप 2025 में मलेशिया के खिलाफ हैट-ट्रिक और 5 विकेट लेना है। वे इस टूर्नामेंट में 17 विकेट के साथ सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं।
4. वैष्णवी शर्मा किस प्रकार की गेंदबाज हैं?
वे लेफ्ट-आ1र्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर हैं जो गेंद को उड़ान और ड्रिफ्ट के साथ बेहतरीन तरीके से डालती हैं।
5. क्या वैष्णवी शर्मा को कोई पुरस्कार मिला है?
हां, उन्हें 2022-23 सीज़न में सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
6. वैष्णवी शर्मा का भविष्य कैसा दिख रहा है?
उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल है। वे ODI और टेस्ट क्रिकेट में भी जल्द ही खेल सकती हैं और 2026 T20 विश्व कप में भारतीय टीम की प्रमुख खिलाड़ी हो सकती हैं।
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