टीटास साधु -1भारतीय महिला क्रिकेटर की जीवनी

टीटास साधु भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती हुई पेस गेंदबाजी सनसनी हैं। 29 सितंबर 2004 को पश्चिम बंगाल के चिनसुरा में जन्मी टीटास ने महज 18 साल की उम्र में 2023 के ICC अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करके पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 2/6 की धमाकेदार गेंदबाजी ने भारत को पहली बार U19 विश्व कप ट्रॉफी दिलाई।

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टीटास साधु की कहानी केवल क्रिकेट की नहीं, बल्कि संघर्ष, दृढ़ निश्चय और सपनों को पूरा करने की है। एक ऐसी लड़की जो शुरुआत में तैराकी और टेबल टेनिस खेलती थी, आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख पेस गेंदबाज बन चुकी है। उनकी यात्रा हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहता है।

टीटास साधु

🏆 U19 विश्व कप 2023 Player of the Match (Final) 🏆
पहली भारतीय बंगाली क्रिकेटर जिसने ICC विश्व कप फाइनल में यह पुरस्कार जीता

टीटास साधु संक्षिप्त जानकारी

विवरण जानकारी
पूरा नाम टीटास रानादीप साधु
जन्म तिथि 29 सितंबर 2004
आयु 21 वर्ष (2026 में)
जन्म स्थान चिनसुरा, पश्चिम बंगाल, भारत
राशि तुला
भूमिका राइट-आर्म मीडियम-फास्ट पेस गेंदबाज
बल्लेबाजी शैली राइट हैंडेड बैट
घरेलू टीम बंगाल महिला
WPL टीम Delhi Capitals
T20I डेब्यू 24 सितंबर 2023 (बनाम बांग्लादेश – एशियन गेम्स)
ODI डेब्यू 5 दिसंबर 2024 (बनाम ऑस्ट्रेलिया)

प्रारंभिक जीवन और परिवार

टीटास साधु का जन्म चिनसुरा, पश्चिम बंगाल में एक खेल-प्रेमी परिवार में हुआ। उनके पिता रानादीप साधु राज्य स्तर के एथलीट रहे हैं और उन्होंने ही टीटास को क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने के लिए प्रेरित किया। उनकी माता भ्रमर मल्लिक परिवार का व्यवसाय संभालती हैं और टीटास के करियर में हमेशा उनका भावनात्मक सहारा बनी रही हैं।

बचपन की घुमक्कड़ी

टीटास का बचपन काफी घुमक्कड़ी में बीता। जन्म के बाद वे अपनी दादी मीता मल्लिक के साथ कृष्णनगर, पश्चिम बंगाल में रहीं। जब टीटास बड़ी हुईं, तो पिता की नौकरी के कारण परिवार रांची चला गया। कुछ समय बाद उन्होंने कोलकाता में रहने की कोशिश की, लेकिन वहां क्रिकेट खेलने के लिए उपयुक्त स्कूलों की कमी थी।

अंततः परिवार वापस चिनसुरा आ गया, जहां उनके पुश्तैनी क्लब ‘राजेंद्र स्मृति संघ’ था। यह क्लब टीटास के क्रिकेट करियर की नींव बना।

क्रिकेट से पहले का जीवन

दिलचस्प बात यह है कि टीटास शुरुआत में क्रिकेट में बिल्कुल रुचि नहीं रखती थीं। उन्होंने पहली कक्षा से सातवीं कक्षा तक अपने क्लब में तैराकी की। इसके साथ ही वे टेबल टेनिस भी खेलती थीं।

एक दिन जब वे अपने परिवार के क्रिकेट क्लब में मैच का स्कोर देख रही थीं, तभी बारिश के कारण मैच रद्द हो गया। उनके पिता ने उन्हें एक गेंद फेंकने के लिए कहा – और बस यही वह पल था जब टीटास ने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया।

“मैं शुरुआत में क्रिकेट में बिल्कुल रुचि नहीं रखती थी। मैं तैराकी और टेबल टेनिस पसंद करती थी। लेकिन जब मेरे पिता ने मुझे एक गेंद फेंकने के लिए कहा, तो मुझे पता चल गया कि यही मेरा रास्ता है।”

– टीटास साधु

शिक्षा और प्रारंभिक प्रशिक्षण

टीटास साधु ने अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षा में 90% अंक प्राप्त किए। यह उनकी बुद्धिमत्ता और अनुशासन का प्रमाण था। उनके पिता ने उन्हें बताया था कि शिक्षा में सफल होने की संभावना क्रिकेट से कहीं अधिक है, लेकिन टीटास ने अपना निर्णय ले लिया था।

2020 में जब उन्होंने 16 साल की उम्र में बंगाल सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया, तो उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा की परीक्षा नहीं दी। उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर केंद्रित था।

संघर्ष की कहानी – असफलता से सफलता तक

पहली अस्वीकृति (13 साल की उम्र में)

टीटास साधु के करियर की शुरुआत आसान नहीं थी। जब वे मात्र 13 साल की थीं, तब उन्होंने पश्चिम बंगाल टीम के लिए ट्रायल दिया। उनके बचपन के कोच प्रियंकर मुखर्जी ने बंगाल टीम के गेंदबाजी कोच शिब शंकर पॉल से उन्हें प्रशिक्षित करने का अनुरोध किया।

लेकिन टीटास को पहले ही ट्रायल में रिजेक्ट कर दिया गया।

यह उनके लिए बहुत बड़ा झटका था। लेकिन टीटास ने हार नहीं मानी। उन्होंने अगले साल फिर से ट्रायल देने का फैसला किया, लेकिन पहले अपनी 10वीं कक्षा की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया।

16 साल की उम्र में सफलता – और फिर असफलता

2020 में, 16 साल की उम्र में टीटास को बंगाल सीनियर टीम में गेंदबाज के रूप में मौका मिला। वे टीम की सबसे कम उम्र की सदस्या बनीं।

लेकिन पहले दो मैचों में खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

यह दूसरा बड़ा झटका था। लेकिन टीटास ने इसे अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सुधार का मौका माना।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल में पुनर्वास

टीम से बाहर होने के बाद टीटास ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) द्वारा आयोजित मैचों में खेलना शुरू किया। उन्होंने कड़ी मेहनत की, अपनी गेंदबाजी में सुधार किया और चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का फैसला किया।

2022 में वापसी – सबसे ज्यादा विकेट

2022 में महिला टी20 टूर्नामेंट में टीटास ने 5 मैचों में 7 विकेट लिए और बंगाल की सर्वोच्च विकेट-टेकर बनीं। यह प्रदर्शन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था।

इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें बंगाल सीनियर टीम में वापस जगह मिली। अब वे टीम के साथ मैचों के लिए यात्रा करती थीं।

टीटास साधु

U19 विश्व कप 2023 – इतिहास रचना

विश्व कप से पहले की तैयारी

U19 विश्व कप से पहले टीटास महिला U19 T20 क्वाड्रांगुलर सीरीज का हिस्सा थीं, जिसमें India A, India B, श्रीलंका और वेस्टइंडीज ने भाग लिया। इस टूर्नामेंट ने उन्हें विश्व कप के लिए अनुभव प्रदान किया।

भारतीय चयनकर्ताओं ने 100 संभावित खिलाड़ियों का एक पूल बनाया था। उन्हें छह टीमों में बांटा गया और एक वार्म-अप टूर्नामेंट खेला गया। टीटास शीर्ष तीन विकेट-टेकरों में रहीं, जिससे उनका अंतिम टीम में चयन लगभग तय हो गया।

पहले मैच में नहीं खेलने का दर्द

जब भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विश्व कप का पहला मैच खेला, तो चिनसुरा में साधु परिवार ने बड़ी तैयारी की थी। लेकिन टीटास को प्लेइंग इलेवन में नहीं चुना गया।

टीटास साधु के पिता रानादीप साधु ने बताया: “हम काफी निराश थे जब उसे पहले मैच के लिए नहीं चुना गया। मैं यह उसके पिता होने के नाते नहीं कह रहा, बल्कि फाइनल में उसके प्रदर्शन के बाद यह स्पष्ट है कि वह उस टीम में सर्वश्रेष्ठ पेसर है।”

फाइनल में धमाका – 2/6 का जादू

29 जनवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका के पोचेफस्ट्रूम में JB Marks Oval पर इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल खेला गया। कप्तान शेफाली वर्मा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी।

टीटास साधु ने पहले ही ओवर में विकेट लिया। उन्होंने Liberty Heap को आउट किया जो उनकी तेज गेंद को पुल शॉट खेलने की कोशिश में केवल ऊपर लूप कर सकीं और सीधे टीटास के हाथों में कैच दे दीं।

टीटास ने चार ओवरों में केवल 6 रन देकर 2 विकेट लिए। उनके साथ अर्चना (2/17) और परशवी चोपड़ा (2/13) ने भी शानदार गेंदबाजी की।

इंग्लैंड की पूरी टीम मात्र 68 रनों पर ढेर हो गई – सिर्फ 17.1 ओवरों में!

भारत ने इस छोटे लक्ष्य को 14 ओवरों में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया और पहली बार U19 महिला टी20 विश्व कप जीता।

U19 विश्व कप फाइनल के आंकड़े

  • टीटास साधु: 4 ओवर, 2 विकेट, 6 रन, 0 मेडन
  • Player of the Match: टीटास साधु
  • इंग्लैंड का स्कोर: 68 (17.1 ओवर)
  • भारत का स्कोर: 69/3 (14 ओवर)
  • जीत का मार्जिन: 7 विकेट, 36 गेंद शेष

पहली बंगाली क्रिकेटर का गौरव

टीटास साधु बंगाल से ICC विश्व कप फाइनल में Player of the Match पुरस्कार जीतने वाली पहली क्रिकेटर बनीं। यह पश्चिम बंगाल के लिए गर्व का क्षण था।

नीरज चोपड़ा से प्रेरणा

फाइनल से पहले टीटास और उनकी टीम के साथियों को भारतीय ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा से मिलने का मौका मिला, जिन्होंने उन्हें मैच जीतने के लिए प्रोत्साहित किया।

झूलन गोस्वामी का मार्गदर्शन

टीटास ने साक्षात्कारों में बताया कि उनकी पसंदीदा क्रिकेटर झूलन गोस्वामी ने टूर्नामेंट से पहले उन्हें टेक्स्ट मैसेज भेजकर सलाह दी थी। यह उनके लिए बहुत प्रेरणादायक था।

सीनियर अंतर्राष्ट्रीय करियर

एशियन गेम्स 2023 – स्वर्ण पदक

24 सितंबर 2023 को टीटास ने हांगझोऊ में एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ T20I डेब्यू किया। उन्होंने चार ओवरों में 10 रन देकर 1 विकेट लिया।

अगले दिन स्वर्ण पदक मैच में श्रीलंका के खिलाफ टीटास ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 3/6 के आंकड़े दिए और श्रीलंका को 97/8 पर रोका। भारत ने मैच जीता और महिला क्रिकेट में पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीता।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

5 जनवरी 2024 को नवी मुंबई के DY पाटिल स्टेडियम में टीटास ने अपने T20I करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 4 ओवर में केवल 17 रन देकर 4 विकेट लिए।

इस मैच में टीटास ने बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्राथ, एलिसा हीली और फेबे लिचफील्ड जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को आउट किया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि टीटास विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ भी प्रभावी हैं।

T20 विश्व कप 2024 – ऑस्ट्रेलिया में

अक्टूबर 2024 में UAE और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ICC महिला T20 विश्व कप में टीटास भारतीय टीम का हिस्सा थीं। यद्यपि यह उनका पहला बड़ा विश्व कप था, उन्होंने कई महत्वपूर्ण मैचों में टीम के लिए योगदान दिया।

ODI डेब्यू – दिसंबर 2024

5 दिसंबर 2024 को ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीटास ने अपना ODI डेब्यू किया। यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण श्रृंखला थी और टीटास को सभी तीन प्रारूपों में खेलने का मौका मिला।

Women’s Premier League (WPL) में करियर

Delhi Capitals के साथ जुड़ाव

फरवरी 2023 की WPL नीलामी में Delhi Capitals ने टीटास साधु को 10 लाख रुपये में खरीदा। U19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद यह उनके लिए सपना सच होने जैसा था।

WPL 2023 में प्रदर्शन

अपने पहले WPL सीजन में टीटास ने 10 मैचों में 9 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी रेट 7.89 रही और सर्वश्रेष्ठ आंकड़े 2/21 थे। एक युवा गेंदबाज के लिए यह प्रभावशाली शुरुआत थी।

WPL 2024 में लगातार सुधार

WPL 2024 में टीटास ने अपने खेल में और सुधार किया। उन्होंने 10 मैचों में 12 विकेट लिए। महत्वपूर्ण मैचों में उन्होंने टीम के लिए बड़े विकेट लिए और खुद को Delhi Capitals की मुख्य गेंदबाज के रूप में स्थापित किया।

WPL में खेलने से टीटास को शिखा पांडे, मेग लैनिंग, और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने और सीखने का अनुभव मिला।

खेल शैली और विशेषताएं

गेंदबाजी की खूबियां

टीटास एक राइट-आर्म मीडियम-फास्ट पेस गेंदबाज हैं जो अपनी गति, सटीकता और बदलाव के लिए जानी जाती हैं।

  • स्विंग गेंदबाजी: नई गेंद से अच्छी स्विंग निकालने की क्षमता
  • लाइन और लेंथ: लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंद डालना
  • बदलाव: गति में बदलाव करके बल्लेबाजों को धोखा देना
  • पावरप्ले में प्रभावी: शुरुआती ओवरों में विकेट लेने की क्षमता
  • डेथ ओवरों में दबाव: अंतिम ओवरों में कम रन देने की क्षमता
  • बाउंसर: छोटी गेंदों का प्रभावी उपयोग

फिटनेस और एथलेटिक क्षमता

तैराकी की पृष्ठभूमि ने टीटास को उत्कृष्ट फिटनेस और स्टैमिना दिया है। वे मैदान पर बेहद ऊर्जावान हैं और लंबे स्पेल्स बोल सकती हैं। उनकी एथलेटिक क्षमता फील्डिंग में भी दिखाई देती है।

मानसिक मजबूती

कई बार रिजेक्शन के बाद भी वापसी करना टीटास की मानसिक मजबूती को दर्शाता है। वे दबाव में शांत रहती हैं और बड़े मैचों में बेहतर प्रदर्शन करती हैं – जैसा कि U19 विश्व कप फाइनल में देखा गया।

प्रमुख उपलब्धियां और रिकॉर्ड

  • U19 महिला T20 विश्व कप 2023 विजेता – भारतीय टीम के साथ
  • U19 विश्व कप फाइनल Player of the Match (2/6)
  • एशियन गेम्स 2023 स्वर्ण पदक विजेता
  • ICC विश्व कप फाइनल में Player of the Match जीतने वाली पहली बंगाली क्रिकेटर
  • T20I में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी: 4/17 (बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2024)
  • 2022 में बंगाल महिला टी20 टूर्नामेंट में सर्वोच्च विकेट-टेकर (7 विकेट)
  • WPL 2023 और 2024 में Delhi Capitals के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन
  • 16 साल की उम्र में बंगाल सीनियर टीम की सबसे कम उम्र की सदस्य

करियर आंकड़े (जनवरी 2026 तक)

अंतर्राष्ट्रीय T20I

  • मैच: 20+
  • विकेट: 25+
  • औसत: 18-20
  • इकोनॉमी रेट: 6.5 के आसपास
  • सर्वश्रेष्ठ: 4/17
  • 5-विकेट हॉल: 0
  • 4-विकेट हॉल: 1

अंतर्राष्ट्रीय ODI

  • मैच: 5+
  • विकेट: 5-8
  • डेब्यू: 5 दिसंबर 2024

WPL करियर

  • सीजन: 2 (2023, 2024)
  • मैच: 20
  • विकेट: 21
  • इकोनॉमी रेट: 7.5-8.0
  • सर्वश्रेष्ठ: 2/21

U19 विश्व कप 2023

  • विकेट: टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण योगदान
  • फाइनल में: 2/6
  • Player of the Match: फाइनल

व्यक्तिगत जीवन और रुचियां

पसंदीदा क्रिकेटर

टीटास साधु की पसंदीदा क्रिकेटर झूलन गोस्वामी हैं, जो भारतीय महिला क्रिकेट की महान पेस गेंदबाज रही हैं। झूलन ने भी बंगाल का प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए टीटास के लिए वे विशेष प्रेरणा हैं।

अन्य रुचियां

  • तैराकी: पहले प्रतिस्पर्धी तैराक, अब भी फिटनेस के लिए तैरती हैं
  • टेबल टेनिस: बचपन में खेलती थीं
  • पढ़ाई: शिक्षा को महत्व देती हैं, 10वीं में 90% अंक
  • परिवार के साथ समय: अपने परिवार के बहुत करीब

बंगाल और चिनसुरा से जुड़ाव

टीटास साधु अपने गृहनगर चिनसुरा और राजेंद्र स्मृति संघ क्लब के बहुत करीब हैं। वे जब भी मौका मिलता है, घर लौटती हैं और अपने शुरुआती क्लब में युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती हैं।

चुनौतियां और उनसे सीख

रिजेक्शन से सीखना

टीटास ने दो बार बड़ी असफलताओं का सामना किया – 13 साल की उम्र में पहला रिजेक्शन और 16 साल में टीम से बाहर होना। लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें और मजबूत बनाया।

“जब मुझे पहली बार रिजेक्ट किया गया, तो मुझे लगा कि मेरा सपना टूट गया। लेकिन मेरे पिता ने मुझे समझाया कि यह अंत नहीं, शुरुआत है। उन्होंने कहा – ‘काम करो, सुधारो, और वापस आओ।’ मैंने यही किया।”

– टीटास साधु

शिक्षा और क्रिकेट का संतुलन

टीटास के पिता चाहते थे कि वे पहले शिक्षा पर ध्यान दें, क्योंकि क्रिकेट में सफलता की गारंटी नहीं है। लेकिन टीटास ने अपने जुनून को चुना और साबित किया कि सही दिशा में मेहनत रंग लाती है।

भविष्य की संभावनाएं

भारतीय टीम में स्थायी स्थान

टीटास साधु अब भारतीय महिला टीम की नियमित पेस गेंदबाज बन रही हैं। उनकी युवा उम्र (21 साल) और प्रतिभा को देखते हुए, वे आने वाले दशक में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का प्रमुख हिस्सा हो सकती हैं।

सभी प्रारूपों में सफलता

T20I में पहले से ही स्थापित होने के बाद, टीटास अब ODI और भविष्य में टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी जगह बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उनकी गेंदबाजी शैली सभी प्रारूपों के लिए उपयुक्त है।

WPL में और सफलता

Delhi Capitals के साथ टीटास का रिश्ता मजबूत हो रहा है। आने वाले सीजनों में वे टीम की प्रमुख गेंदबाज के रूप में और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

बंगाल की क्रिकेट में क्रांति

टीटास की सफलता बंगाल में महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। वे युवा बंगाली लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं और उनकी प्रेरणा से कई और प्रतिभाएं क्रिकेट की ओर आकर्षित हो रही हैं।

टीटास साधु से प्रेरणा

हार न मानने का संदेश

टीटास की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जिसे जीवन में असफलता का सामना करना पड़ा है। उन्होंने साबित किया कि रिजेक्शन का मतलब अंत नहीं है – यह एक नई शुरुआत हो सकती है।

मेहनत का महत्व

13 साल की उम्र से लेकर 18 साल की उम्र में U19 विश्व कप जीतने तक की यात्रा में टीटास ने कभी मेहनत से समझौता नहीं किया। वे रोज अभ्यास करती थीं, अपनी कमियों पर काम करती थीं, और लगातार सुधार की कोशिश करती थीं।

परिवार का समर्थन

टीटास हमेशा कहती हैं कि उनकी सफलता में उनके पिता रानादीप साधु का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने न केवल टीटास को क्रिकेट सिखाया, बल्कि हर कठिन समय में उनका साथ दिया।

निष्कर्ष

टीटास साधु की कहानी साधारण से असाधारण बनने की यात्रा है। चिनसुरा की एक युवा लड़की जो तैराकी और टेबल टेनिस खेलती थी, आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख पेस गेंदबाज बन चुकी है। U19 विश्व कप फाइनल में उनका 2/6 का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

टीटास साधु ने दो बार रिजेक्शन का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और परिवार के समर्थन से अपने सपनों को साकार किया। आज वे न केवल एक सफल क्रिकेटर हैं, बल्कि लाखों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा भी हैं।

21 साल की उम्र में टीटास का करियर अभी शुरुआती चरण में है। उनमें भारतीय महिला क्रिकेट की अगली महान पेस गेंदबाज बनने की पूरी क्षमता है। बंगाल और पूरा भारत उनसे बहुत उम्मीदें रखता है।

टीटास साधु को उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं! आगे का सफर और भी शानदार हो। 🏏🏆

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. टीटास साधु कौन हैं?

टीटास साधु भारतीय महिला क्रिकेट टीम की राइट-आर्म मीडियम-फास्ट पेस गेंदबाज हैं जो पश्चिम बंगाल के चिनसुरा से हैं। वे 2023 ICC U19 महिला T20 विश्व कप फाइनल में Player of the Match रही थीं, जहां उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2/6 के शानदार आंकड़े दिए और भारत को पहली U19 विश्व कप ट्रॉफी दिलाई।

2. टीटास साधु की उम्र कितनी है?

टीटास साधु का जन्म 29 सितंबर 2004 को हुआ था, इसलिए वे वर्तमान में 21 वर्ष की हैं (2026 में)।

3. टीटास साधु ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कब डेब्यू किया?

टीटास ने 24 सितंबर 2023 को एशियन गेम्स में बांग्लादेश के खिलाफ T20I डेब्यू किया और 5 दिसंबर 2024 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI डेब्यू किया।

4. टीटास साधु की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

टीटास की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 ICC U19 महिला T20 विश्व कप फाइनल में Player of the Match बनना है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 4 ओवर में मात्र 6 रन देकर 2 विकेट लिए और भारत को पहली U19 विश्व कप ट्रॉफी दिलाई। वे ICC विश्व कप फाइनल में यह पुरस्कार जीतने वाली पहली बंगाली क्रिकेटर हैं।

5. टीटास साधु किस WPL टीम के लिए खेलती हैं?

टीटास साधु Women’s Premier League (WPL) में Delhi Capitals के लिए खेलती हैं। उन्हें 2023 की नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा गया था और वे टीम की प्रमुख पेस गेंदबाजों में से एक हैं।

लेखक की टिप्पणी: यह लेख टीटास साधु के क्रिकेट करियर और जीवन यात्रा पर आधारित है। जानकारी विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से एकत्रित की गई है।

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